Dr. Sulabha Kore
2 Books
डॉ. सुलभा कोरे पिछले 35 वर्षों से मराठी, हिन्दी और अंग्रेज़ी में अपनी विशेषज्ञता के साथ लेखन कर रही हैं। विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनूदित लेखन कार्य के साथ आपका लेखन पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और ऑनलाइन माध्यमों द्वारा प्रकाशित भी हुआ है। ‘स्पर्शिका और स्पर्श हरवलेले’ इन दो मराठी काव्य संकलनों के अलावा आपके हिन्दी में एक नया आकाश, तासीर तथा सिरहाने के पल ये तीन काव्य संकलन प्रकाशित हैं। तासीर को केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। आपकी पुस्तक भारतीय समाज-हिन्दी सिनेमा और स्त्री को सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी, सन्दर्भ ग्रन्थ के रूप में शामिल किया गया है।
मुम्बई में पली-बढ़ी इस लेखिका ने मुम्बई विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की उपाधि अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी (अंग्रेज़ी) तथा स्नातकोत्तर उपाधि हिन्दी साहित्य में प्राप्त की है। 'भारतीय समाज के परिप्रेक्ष्य में हिन्दी सिनेमा में भारतीय स्त्री' आपकी पीएच.डी. प्रबन्ध का विषय रहा है तथा 'शिव और शिवालय-ज्ञात से अज्ञात तक' इस अनुसन्धान कार्य को टाइम्स ग्रुप द्वारा हिन्दी और अंग्रेज़ी में प्रकाशित किया गया है।
हिन्दी, मराठी और अंग्रेज़ी में 32 से अधिक प्रकाशित पुस्तकों की लेखक सुश्री कोरे को अनेक पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है, जिसमें कला और संस्कृति विभाग, संस्कृति मन्त्रालय से प्राप्त प्रतिष्ठित ‘टैगोर फेलोशिप' और वर्ष 2025 में इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट्स फ़ेस्टिवल का 'वैली ऑफ़ वर्ड्स', देहरादून का हिन्दी अनुवाद पुरस्कार भी शामिल है।
एक लेखक, कवि, सम्पादक, अनुवादक, शिक्षाविद् के रूप में आप विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता देती हैं। आप यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, मुम्बई में सहायक महाप्रबन्धक (राजभाषा) / सम्पादक के रूप में कार्यरत थीं।




